Suzlon Energy पर ब्रोकरेज ने दी खरीद की सलाह और इतना Target Price किया सेट

भारत के Renewable Energy सेक्टर में Suzlon Energy एक जाना-पहचाना नाम है। हाल ही में इस कंपनी के शेयरों को लेकर बाज़ार में काफी हलचल देखने को मिली है। सिस्टेमेटिक्स शेयर्स एंड स्टॉक्स (इंडिया) ने अपनी पहली कॉन्फ्रेंस मीटिंग आयोजित की, जिसमें Suzlon Energy के मैनेजमेंट को भी बुलाया गया था। इस मीटिंग के बाद ब्रोकरेज ने कंपनी पर अपनी पॉजिटिव राय बनाए रखी और निवेशकों के बीच उत्साह और बढ़ गया।

शेयर में तेज़ी और मौजूदा स्थिति

18 फरवरी को Suzlon Energy का शेयर अपने दिन के सबसे निचले स्तर 45.81 रुपए से उठकर 46.29 रुपए के हाई तक पहुँचा, यानी करीब 0.35% की बढ़त दर्ज हुई। बाद में कुछ निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिसके चलते शेयर 46.10 रुपए के आसपास टिका रहा। इस समय कंपनी का कुल बाज़ार पूंजीकरण यानी मार्केट कैप 63,180 करोड़ रुपए के स्तर पर है, जो इसे एक बड़ी और मज़बूत कंपनी के रूप में दिखाता है।

ब्रोकरेज का टारगेट और सलाह

सिस्टेमेटिक्स ने अपनी कॉन्फ्रेंस के बाद सुजलॉन एनर्जी के शेयर पर बाइंग रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस 67 रुपए तय किया है। अगर शेयर इस टारगेट तक पहुँचता है तो मौजूदा कीमत से निवेशकों को लगभग 46% का फायदा हो सकता है। यह एक बड़ा और आकर्षक रिटर्न माना जाता है, खासकर उन निवेशकों के लिए जो लंबी अवधि में पैसा लगाने की सोच रखते हैं।

ऑर्डर बुक और कारोबारी विस्तार

ब्रोकरेज की रिपोर्ट के अनुसार सुजलॉन की कुल नेट ऑर्डर बुक इस समय 6.4 गीगावाट की है, जो कंपनी के मज़बूत भविष्य की ओर इशारा करती है। इसमें से 13% हिस्सा यानी करीब 1,544 मेगावाट के ऑर्डर सरकारी कंपनियों यानी PSUs से आए हैं। यह दर्शाता है कि सरकारी क्षेत्र भी सुजलॉन पर भरोसा कर रहा है और रिन्यूएबल एनर्जी के विस्तार में कंपनी की अहम भागीदारी है।

मुनाफे और कमाई में ज़बरदस्त सुधार

कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो FY24 में जहाँ 710 मेगावाट WTG यानी विंड टरबाइन जनरेटर की डिलीवरी पर EBITDA 175 करोड़ रुपए था, वहीं FY25 में 1,500 मेगावाट से ज़्यादा की डिलीवरी के साथ EBITDA बढ़कर 960 करोड़ रुपए हो गया। दिसंबर 2025 तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 3,825 करोड़ रुपए रहा, जो एक साल पहले की इसी तिमाही के 2,332 करोड़ रुपए की तुलना में करीब 64% ज़्यादा है। शुद्ध मुनाफा भी 200.6 करोड़ रुपए से बढ़कर 282.5 करोड़ रुपए हो गया, यानी सालाना आधार पर 40.8% की वृद्धि दर्ज हुई।

विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी

दिसंबर 2025 के आँकड़ों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII ने Suzlon Energy में अपनी हिस्सेदारी पिछली तिमाही के 22.7% से बढ़ाकर 23.7% कर ली है। यह इस बात का संकेत है कि वैश्विक निवेशक भी भारत की इस पवन ऊर्जा कंपनी की बढ़ती ताकत और संभावनाओं को समझ रहे हैं और उस पर दाँव लगा रहे हैं।

Disclaimer : यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे किसी भी प्रकार की निवेश सलाह न माना जाए। शेयर बाज़ार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।

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