Tata Steel के शेयर बाजार में कमजोरी के बावजूद नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं, जो कंपनी की मजबूत घरेलू संभावनाओं को दर्शाता है। टाटा ग्रुप की इस प्रमुख स्टील कंपनी ने हाल के दिनों में निवेशकों का भरोसा जीता है और वित्तीय परिणामों से आगे की तेजी की उम्मीद जागी है।
बाजार प्रदर्शन और रिकॉर्ड ऊंचाई
आज के सत्र में शेयर बाजार के सामान्य गिरावट के बीच टाटा स्टील का शेयर 1 प्रतिशत चढ़कर 211.35 रुपये के नए उच्चतम स्तर पर पहुंच गया, जो 10 फरवरी 2026 के पिछले रिकॉर्ड 211.15 रुपये को पार कर गया। पिछले एक महीने में इसमें 12 प्रतिशत की शानदार बढ़त दर्ज हुई, जबकि इसी दौरान बीएसई सेंसेक्स में केवल 0.5 प्रतिशत और मेटल इंडेक्स में 3.6 प्रतिशत की मामूली प्रगति हुई। यह प्रदर्शन कंपनी की आंतरिक ताकत और स्टील क्षेत्र में उसकी श्रेष्ठता को स्पष्ट रूप से दिखाता है, जिससे निवेशक उत्साहित हैं।
तीसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे
दिसंबर तिमाही यानी वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में कंपनी ने कुल परिचालन आय को सालाना आधार पर 6 प्रतिशत बढ़ाकर 57,002 करोड़ रुपये पर पहुंचाया। स्टील बिक्री की मात्रा भी 6 प्रतिशत उछलकर करीब 8.2 मिलियन टन हो गई। हालांकि EBITDA मार्जिन पिछली तिमाही से 77 आधार अंक घटकर 14.4 प्रतिशत रहा, लेकिन कुल मिलाकर परिणाम सकारात्मक रहे और आगे की तिमाहियों के लिए आधार तैयार किया। ये आंकड़े कंपनी की उत्पादन क्षमता और बाजार हिस्सेदारी को मजबूत बनाते हैं।
चौथी तिमाही की अपेक्षाएं
कंपनी को चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च 2026) में बेहतर प्रदर्शन की पूरी उम्मीद है, खासकर सेफगार्ड ड्यूटी के चलते कीमतों में 12 प्रतिशत सुधार से। इससे भारत में बिक्री से प्रति टन लगभग 2,300 रुपये की अतिरिक्त आय होने का अनुमान है। बेहतर परिचालन लाभ, लागत नियंत्रण, कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म और यूरोप में आयात कोटा प्रतिबंध जैसे कारक मुनाफे को बढ़ावा देंगे। इसके साथ ही सरकार की 2030 तक 300 मिलियन टन कच्चे स्टील क्षमता वाली योजना के तहत कंपनी अपनी उत्पादन क्षमता को 40 मिलियन टन प्रति वर्ष तक ले जाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
ब्रोकरेज की सकारात्मक सिफारिशें
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने घरेलू मांग की मजबूती, सेफगार्ड ड्यूटी के समर्थन, क्षमता विस्तार और यूरोपीय संघ में धीमे सुधार को देखते हुए ‘बाय’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने सितंबर 2027 के लिए 240 रुपये का लक्ष्य मूल्य तय किया है। इसी तरह आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने भी सेफगार्ड ड्यूटी से कीमत वृद्धि, अनुकूल मांग और रणनीतिक विस्तार के आधार पर ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखी है तथा 250 रुपये का संशोधित लक्ष्य रखा है। यूरोप में आयात नियंत्रण से नीदरलैंड संचालन की लाभप्रदता बढ़ेगी, जो कुल कमाई को बल देगी।
यूरोपीय चुनौतियां और समाधान
यूरोप में निकट अवधि में मुनाफा फैलाव और ऊर्जा लागत पर निर्भरता बनी रहेगी, लेकिन सीबीएएम तथा सख्त आयात कोटा जैसे उपायों से कीमत अनुशासन आएगा और आयात दबाव कम होगा। भारत के मजबूत प्रदर्शन के साथ यूरोपीय सुधार कंपनी को लंबी दौड़ में फायदा पहुंचाएंगे। करीब एक सदी पुरानी यह कंपनी क्षेत्र में अग्रणी बनी हुई है।
Disclaimer : यह लेख सूचनात्मक उद्देश्य से तैयार किया गया है। निवेश से पहले प्रमाणित वित्तीय सलाहकार की सलाह अवश्य लें। बाजार में जोखिम हमेशा रहता है और पूंजी में हानि संभव है।