इन 2 Defence Stocks पर टिकी हैं निवेशकों की नज़रें 5 साल में दिया 936% और 1743% रिटर्न

Defence Stocks : दुनिया की राजनीतिक और सैन्य स्थिति तेज़ी से बदल रही है यूक्रेन युद्ध के बाद यूरोप को यह अहसास हो गया है कि रक्षा मामलों में अमेरिका और चीन पर निर्भर रहना अब उसके लिए सही नहीं है। इसी सोच के साथ यूरोपीय संघ ने ‘रीआर्म यूरोप प्लान’ के तहत अपना रक्षा बजट जीडीपी के 1.9% से बढ़ाकर लगभग 3.5% करने का लक्ष्य रखा है और 2030 तक करीब 800 अरब यूरो अतिरिक्त रक्षा खर्च की योजना है। इस बड़े बदलाव के बीच भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते और सुरक्षा साझेदारी ने भारतीय रक्षा कंपनियों के लिए एक बड़ा दरवाज़ा खोल दिया है।

Solar Industries

नागपुर स्थित Solar Industries India Limited उन भारतीय कंपनियों में सबसे आगे है जो यूरोप की बढ़ती रक्षा माँग का फायदा उठा सकती हैं। कंपनी बल्क और कार्ट्रिज विस्फोटक, डेटोनेटर और अन्य रक्षा सामग्री की देश में सबसे बड़ी निर्माता मानी जाती है। इसके नागपुर प्लांट को दुनिया का सबसे बड़ा सिंगल-लोकेशन कार्ट्रिज प्लांट का दर्जा प्राप्त है। तुर्किये जैसे NATO सहयोगी देश में अपनी मौजूदगी के कारण कंपनी यूरोपीय बाज़ार तक पहुँचने की बेहतर स्थिति में है।

इस समय पूरी दुनिया में 155 मिमी तोप के गोलों की भारी माँग है क्योंकि यह NATO देशों का मानक कैलिबर है और यूक्रेन युद्ध के बाद इसकी भारी कमी महसूस की जा रही है। सोलर इंडस्ट्रीज इन गोलों के उत्पादन के लिए अंतिम मंजूरी की प्रक्रिया में है और वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही से उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है, जिससे कंपनी को बड़े निर्यात ऑर्डर मिलने का रास्ता साफ हो सकता है।

इसके अलावा कंपनी का ‘पिनाका’ रॉकेट सिस्टम भी एक लंबी अवधि का मज़बूत प्रोजेक्ट माना जा रहा है। कंपनी की कुल बिक्री में अब लगभग 40% हिस्सा निर्यात का है, जो इसके बढ़ते वैश्विक कद को दर्शाता है। मंगलवार को बाज़ार बंद होने के बाद कंपनी का शेयर 13,266 रुपए पर था और पिछले पाँच सालों में इसने निवेशकों को 936% से अधिक का शानदार रिटर्न दिया है।

Premier Explosive

Premier Explosives Limited एक ऐसी कंपनी है जो रक्षा और अंतरिक्ष सेक्टर के लिए विस्फोटक और रॉकेट मोटर बनाती है। यह आकाश, अग्नि, ब्रह्मोस और अस्त्र जैसे भारत के प्रमुख मिसाइल कार्यक्रमों से जुड़ी रही है। कंपनी 40 मिमी से लेकर 2000 मिमी तक के रॉकेट मोटर बनाती है और इन्हें पूरी तरह तैयार करके निर्यात भी करती है। मिसाइल प्रोपल्शन और काउंटरमेजर यानी चैफ और फ्लेयर्स के उत्पादन में यह भारत की एकमात्र योग्य कंपनी बताई जाती है, जो इसे रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण बनाती है।

ग्रीस और तुर्किये जैसे NATO देशों को निर्यात के ज़रिए कंपनी ने अपनी अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई है और 2030 तक RDX तथा HMX उत्पादन क्षमता बढ़ाने की भी योजना है। फिलहाल Premier Explosives का शेयर 462.60 रुपए पर कारोबार कर रहा है और पाँच साल में इसने 1,743% से अधिक का असाधारण रिटर्न दिया है, जो किसी भी निवेशक को प्रभावित करने के लिए काफी है।

Disclaimer : यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है और इसे किसी भी प्रकार की निवेश सलाह न माना जाए। शेयर बाज़ार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। कोई भी वित्तीय निर्णय लेने से पहले अपने सेबी पंजीकृत निवेश सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।

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